What is Electric Vehicle ? इलेक्ट्रिक कार क्या है ?

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electric vehicles in india

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इलेक्ट्रिक वाहन ही मोटर गाड़ियों का भविष्य है । भविष्य में ईंधन की कमी को देखते हुए इलेक्ट्रिक मोटर गाडियां जादा इस्तेमाल होती हुई दिखाई देंगी।तो आपके मन में सवाल आया होगा कि इलेक्ट्रिक गाड़ी होती कैसी है ?,उसका कार्य कैसे चलता है,भारत में कौन कौन सी Electric Vehicle उपलब्ध है साथ ही में जानेंगे इलेक्ट्रिक गाडियों पर मिलने वाली सबसिडी के बारे में, तो चलिए शुरू करते है।

अभी भारत सरकार भी , इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा से ज्यादा लोग इस्तेमाल करें इसका प्रयास कार रही है।

इलेक्ट्रिक कार – Electric Vehicles

Electric Vehicles -इलेक्ट्रिक कार में ईंधन टैंक की जगह चार्ज होनेवाली बैटरी रहती है ,जो बिजली की मदद से चार्ज होगी । ऊर्जा बैटरी में जमा कर देगी,और उस ऊर्जा से इलेक्ट्रिक कार की मोटर चलेगी और कार के पहिये को दौड़ाएगी।

इसकी मदद से गाड़ी चलाते समय आवाज भी कम आयेगा और गाड़ी चलाने का ज्यादा मजा भी आयेगा।

फ़िलहाल फूल चार्ज पर इलेक्ट्रिक कार 400 किलोमीटर दौड़ सकती है जो पेट्रोल या डीजल गाड़ी के मुकाबले कम जरूर है लेकिन भविष्य में उसे और बढ़ाया जा सकता है।हम अपनी छोटी यात्रा को जरूर आसानी से कर सकते है।

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इलेक्ट्रिक कार के फ़ायदे -Advantages of using Electric Car

इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने के बहुत सारे फायदे है उसमे से सबसे महत्वपूर्ण है पर्यावरण को अच्छा रखना। डीज़ल और पेट्रोल से होनेवाला प्रदूषण हम इलेक्ट्रिक वाहनों की मदद से बहुत हद तक रोक सकते है।

जहा पर गाड़ी से पैदा होनेवाली ऊर्जा को गति में परिवर्तित करने के मामले ईंधन वाली गाडियां 30 % कार्यक्षम होती और बाकी की ऊर्जा हीट और आवाज़ के रूप में बेकार हो जाती है वहां पर इलेक्ट्रिक गाडियां 95 % कार्यक्षम होती है।

दूसरा सबसे महत्वपूर्ण फ़ायदा यह है कि पेट्रोल और डीज़ल के मुकाबले गाड़ी को चार्ज करने की कीमत बहुत कम होगी।

इलेक्ट्रिक कार के डिजाइन में कम चलायमान पार्ट्स होने से रखरखाव (Maintenance) में भी कम खर्चा आयेगा।

Disadvantages of Electric Vehicle

गाड़ियों की कीमत-

फ़िलहाल नई टेक्नोलॉजी होने से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत बहुत ज्यादा है जो कि आम आदमी के पहुंच से बाहर है
इसका प्रमुख कारण बैटरियों का अधिक मूल्य है
लेकिन आनेवाले समय में टेक्नोलॉजी और सरकार की मदद से गाड़ियों के दम जरूर कम हो सकते है ।

चार्जिंग स्टेशन की कमी –

दूसरी बड़ी दिक्कत ,चार्जिंग स्टेशन की कमी है जिसके कारण गाड़ी को चार्ज करने में दिक्कत आ सकती है।
कीमत की तरह यह समस्या भी समय के सात हाल हो सकती है।

ड्राइविंग रेंज-

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के पास अधिकांश पारंपरिक वाहनों की तुलना में छोटी ड्राइविंग रेंज है- हालांकि Electric Vehicles के ड्राइविंग रेंज में सुधार हो रहा है। अधिकांश ईवीएस एक चार्ज पर 100 मील से अधिक की यात्रा कर सकते हैं, और कुछ मॉडल के आधार पर 200 या 300 मील से अधिक की यात्रा कर सकते हैं।

बैटरी रिचार्ज का समय-

charging EV

बैटरी पैक को पूरी तरह से रिचार्ज करने में 3 से 12 घंटे लग सकते हैं।

इलेक्ट्रिक गाडी के प्रकार – Types of Electric Vehicles

पारंपरिक हाइब्रिड-

पारंपरिक हाइब्रिड गाड़ी जिसमें पेट्रोल टैंक की आवश्यकता होती है, लेकिन एक बैटरी द्वारा संचालित एक इलेक्ट्रिक मोटर भी होती है जो वाहन के चलने पर चार्ज करती है।

प्लग-इन हाइब्रिड-

जिसमें पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों होते हैं, लेकिन प्लग-इन चार्ज किया जा सकता है और आमतौर पर बैटरी खत्म होने से पहले इलेक्ट्रिक पावर पर थोड़े समय के लिए चल सकता है।

बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन-

बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicles ) जो इलेक्ट्रिक कारों को सोचते समय आप शायद सबसे ज्यादा सोचते हैं। ये केवल बिजली पर चलते हैं। कई प्रमुख कार निर्माता पारंपरिक नामों में से एक जैसे टेस्ला ,टोयोटा ,हुंडई विशेषज्ञ निर्माताओं की पेशकश करते हैं।


इलेक्ट्रिक गाड़ी को चार्ज कैसे करे ?

घर / कार्य स्थल पर या चार्जिंग स्टेशन से स्थापित पोर्ट पर जाकर आप गाड़ी को चार्ज कर सकते है । संपूर्ण चार्ज के लिए लिया गया समय अलग अलग गाड़ियों के लिए अलग अलग हो सकता है |

इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य –

यह स्पष्ट है कि हम इलेक्ट्रिक वाहनों के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। उनका समर्थन करने के लिए बुनियादी ढांचा, उन्हें बनाने की लागत और उन सभी को चार्ज करने की गति अगले कुछ वर्षों में नाटकीय रूप से सुधारने के लिए निर्धारित है।

इलेक्ट्रिक कार चलाना आने वाले वर्षों में कई लोगों के लिए आदर्श बन जाएगा और सरकारें और ऊर्जा कंपनियां ऐसा करने के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित कर रही हैं।


इलेक्ट्रिक वाहनों पर भारत सरकार की योजना क्या है ?

सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए, ई-वाहनों पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद के लिए लिए गए ऋण पर 1.5 लाख रुपये की कर छूट दी जाएगी। यही नहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर “अपफ्रंट इंसेंटिव” भी मिलेगा।

EV को बढ़ावा देने के लिए, सरकार विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियों को बैटरियों के साथ-साथ ईवी के लिए मेगा निर्माण संयंत्रों में निवेश करने के लिए आमंत्रित करेगी। स्टार्ट-अप्स पर भी अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है, इसमें किए गए निवेश को करों से छूट दी जाएगी।

नीतीयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत में 6 करोड़ से अधिक ई-वाहन बेचे जाएंगे। 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी FAME II योजना के साथ-साथ चार्जिंग अवसंरचना पर दी जाएगी। इससे कीमत के मामले में ईवी को खरीदना और भी आसान हो जाना चाहिए। एफएम का इरादा भारत को इलेक्ट्रिक वाहनो के लिए एक वैश्विक निर्माण केंद्र बनाने का है।


 भारत में उपलब्ध इलेक्ट्रिक गाड़िया –

फ़िलहाल भारत में ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़िया उपलब्ध नहीं है लेकिन आनेवाले समय के साथ उसमे वृद्धि जरूर होगी ।Hyundai Kona इलेक्ट्रिक और Tata Tigor जैसे कुछ ऑप्शन अभी भारत में उपलब्ध है ।


तो इस पोस्ट में हमने जाना Electric Vehicles क्या है ?,उसके प्रकार कौन कौन से है ?,साथ ही में जाना उसका कार्य कैसे चलता है ? । अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो जरूर शेयर करे,






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