नमस्कार दोस्तों।my smart tips ब्लॉग में आपका स्वागत हैं। हमें जब भी किसी जानकारी की आवश्यकता होती हैं तो हम उसे इंटरनेट की मदद से सर्च करके ढूंढ लेते हैं इंटरनेट पर हमें जो भी जानकारी मिलती है वह जानकारी किसी ना किसी वेबसाइट पर मौजूद होती है और वहीं से हमे जानकारी प्राप्त होती हैं। इंटरनेट पर उपलब्ध सभी डाटा web page के रूप में उपलब्ध होते हैं ये सभी web page कंप्यूटर सर्वर में स्टोर होकर रहते हैं एक वेबसाइट को बहुत सारे वेब पेज को आपस में जोड़कर बनाया जाता है और हम web pages तक इनके URL (uniform resources located) यानी कि एड्रेस की मदद से पहुंच पाते हैं.



लेकिन इन वेबसाइटों, वेब पेज को कैसे बनाया जाता है इसके बारे में आज हम आपको पूरी जानकारी बताने वाले हैं वेबसाइट डिजाइन करने के लिए HTML लैंग्वेज की जरूरत होती हैHTML की मदद से हम वेबसाइट का इस्तेमाल कर पाते हैं और उनसे जानकारी ले पाते हैं HTML की फुल फॉर्म Hypertext markup language होता है. आज के वक्त में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला कंप्यूटर लैंग्वेज में HTML(Hypertext markup language) हैं क्योंकि इस तकनीकी दौर में सभी का काम ऑनलाइन हो रहा है इसीलिए सभी को इस लैंग्वेज के बारे में जानना चाहिए आज के इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं HTML लैंग्वेज क्या होती है. और HTML5 क्या है और HTML का उपयोग कहाँ और क्यों किया जाता है कि सभी टॉपिको के ऊपर आज हम इस आर्टिकल में जानने वाले हैं इसलिए आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें.

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HTML क्या होता हैं 

HTML का पूरा नाम Hyper text markup language हैं। इसे वेबसाइट और web page बनाने के लिए विकसित किया गया है एक वेबसाइट को डिजाइन करने के लिए और वेब पेज के अंदर text ,image, videos का इस्तेमाल करने के लिए HTML लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है.  HTML लैंग्वेज का इस्तेमाल करके हम डिवाइस ( devices)के web browser को ये समझाते हैं कि हमारे web page की जानकारी यूजर को कैसी दिखनी चाहिए।

HTML हाइपरटेक्सट और  मार्कअप भाषा  इन दो शब्दों से मिलकर बना हैं Hyper text (हाइपरटेक्सट) दो web pages को एक text के अंदर जोड़े रखता हैं ताकि जब यूजर्स  उस text में क्लिक करके तो उसे वह अगले web page तक पहुंचा दे। इस प्रकार web page उपस्थित लिंक को Hyper text कहाँ जाते हैं।  

Markup language किसी भी बेव पेज के  स्ट्रिंग (string)  बनाने के काम में आती है इसमें बहुत से text उपस्थित होते हैं जिसकी सहायता से web page डिजाइन किए जाते हैं इन में प्रयोग होने वाले text द्वारा page के सभी कांटेक्ट का  वर्णन किया जाता हैं। और HTML के सभी text पहले से ही मौजूद होते हैं.HTML के अलावा DHTML ( Dynamic Hyper text markup language) ,XML (extensible markup language) ये सभी भी markup language है लेकिन HTML उससे अधिक इस्तेमाल होने वाली लैंग्वेज हैं।

HTML एक कंप्यूटर लैंग्वेज है जिसका इस्तेमाल वेबसाइट बनाने में किया जाता है और वेबसाइट में रंग रूप देने के लिए CSS (Cascading style sheet) लैंग्वेज का इस्तेमाल किया. जिसका  उपयोग HTML के साथ ही किया जाता है ताकि वेबसाइट को रंगीन और आकर्षक बनाया जा सके. HTML लैंग्वेज कंप्यूटर की अन्य लैंग्वेज जैसे कि C ,C++ ,Java  बिल्कुल अलग है और यह लैंग्वेज बहुत सरल लैंग्वेज भी है जिसको आप आसानी से समझ सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इसमे परिवर्तन भी किया जा सकता है इसकी सरलता के कारण ही HTML शुरुआत  से एक लोकप्रिय लैंग्वेज रही है.  HTML लैंग्वेज में हम चाहे कैपिटल लेटर या  स्मॉल लेटर में  text लिख सकते हैं.ये दोनों ही तरीकों पर काम करता है लेकिन आमतौर पर इसे स्माल लेटर में ही लिखा जाता है html का इस्तेमाल किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम में किया जा सकता है इसका उपयोग web page बनाने के लिए किया जाता है लेकिन यह सिर्फ web डॉक्यूमेंट तक बनाने तक ही सीमित नही हैं।HTML  (Hyper text markup languag)  का इस्तेमााल   web page development, graphic design, nagation ,game development, इत्यादि में भी किया जाता है ।

HTML की खोज किसने की ।

HTML  की खोज  Tim Berners-Lee  सन् 1960 में जिनेवा में की गई थी ।

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HTML5 क्या है ?

टेक्नोलॉजी की इस दुनिया में लगातार बदलाव होते रहते हैं और समय-समय पर चीजों में सुधार होता रहता है ठीक उसी तरीके से HTML लैंग्वेज में भी कई बदलाव हो चुके हैं और इसका सबसे नया वर्जन HTML 5 है परंपरागत रूप से अभी भी HTML के पुराने वर्जन का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन टेक्नोलॉजी की दुनिया में होने वाले परिवर्तन के कारण से वह कई सारी आवश्यता को पूरा नहीं कर पाता इसीलिए जरूरतों को पूरा करने के लिए HTML 5 को विकसित किया. HTML 5 में HTML से अधिक विशेषताएं  है इसमें बहुत सारे नये फीचर्स और एडवांस text जोड़े गए हैं. जिससे इसके code लिखने में आसानी हो । HTML5 बहुत सारे text जोड़े गए हैं जिसके द्वारा आप web page में video, audio,images, जोड़ सकते हैं पहले web page आप डायरेक्ट वीडियो एड नही किया जा सकता था लेकिन HTML5 के आने के बाद आप auto और video text के द्वारा आप आसानी से अपने  web page में वीडियो और ऑडियो जोड़ सकते हैं। इसमें ऐसे बहुत सारे फीचर्स मौजूद है जिसके द्वारा यूजर को वेब पेज डिजाइन करने में कोड लिखना पड़ता है।

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HTML5 फीचर्स क्या है ।

HTML 5 बहुत से ऐसी विशेषताएं हैं जोकि इसे बाकी HTML के वर्जन ( HTML, HTML 2.0 ,HTML 3.0 ,HTML 4.0  ) से अलग और अनोखा बनाती है .

1:Simple and secure 

HTML फाइल के text को यानी कि सिंटेक्स को आसान बनाया गया है इसके सभी text को शॉर्ट दिया गया है. जिससे कि यूजर को सारे text याद रह सके.HTML के पहले  वाले वर्जन में DOCTYPE  लिखा  जो ये बताता था कि web page मैं किस तरह के डॉक्यूमेंट दर्शाये गये। ये DOCTYPE html कि बेव पेज में सेबसे ऊपर ही लिखा रहता था पुराने वर्जन में बहुत ही लंबा DOCTYPE लिखना पड़ता था लेकिन नये वाले यानी कि HTML 5 इसे भी छोटा किया गया है हालांकि लिखने में आसानी होती है।, html फाइल  में कोड छिपी त्रुटियों को दूढ निकना भी आसान होता हो.html फाइल मैं कुछ हद तक edited security के फीचर्स भी उपलब्ध होते हैं ताकि इससे बनने वाले सभी web page सुरक्षित होते है।

2:HTML 5 मे plugin की जरूरत

 HTML 5 में plugin की क्या जरूरत है इसे जानने के लिए आपको सबसे पहले जानना होगा कि plugin क्या होता है आपको हम शुरू से बताएंगे कि plugin क्होयाता है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है।

Plugin बहुत सारे प्रोग्रामिंग कोड और फंक्शन का कलेक्शन( collection) होता है जो की वेबसाइट में हमें अतिरिक्त  सुविधाए प्रदान करता हैं । HTML में  पहले किसी भी तरह अडियो और विडोयो फाइल जोड़ने के लिए piugin  की जरूरत होती थी जिससे वेबसाइट की लोडिंग स्पीड बढ़ जाती थी वेबसाइट खुलने ज्यादा देर लगती थी। लेकिन HTML 5 में plugin की आवश्यकता बहुत ही कम पड़ती है क्योंकि web page में   ऑडियो ,विडोयो , फाइल को जोड़ने के लिए अलग  टैग और एंटरक्यूट  को जोड़ा गया जिससे कि अब आसानी से ऑडियो और वीडियो फाइल को जोड़ सकते हैं और इससे वेबसाइट को खुलने में ज्यादा देर भी नहीं लगती है।

3:Graphic design 

अब तक html में ग्राफिक्स और एनिमेशन बनाने के लिए कोई मैकेनिज्म उपलब्ध नहीं था लेकिन HTML5 की वजह से web developer graphics, animations को आसान तरीके से बेव पेज में डाल सकते हैं इसके लिए एक special tag कैनवास का उपयोग किया जाता है इस tag की सहायता से बहुत से ग्राफिक , कंपोनेंट , बेव पेज जोड सकता हैं । उदाहरण  =  boxes,  image, circles, test .

4:Mobile web को आसान बनाया गया

पिछले सालों में मोबाइल यूज करने वाले युजरो की संख्या में बढ़ोतरी हुई है आज हर एक छोटे बड़े क्षेत्र में काम करने वाले किसी के पास एक स्मार्टफोन जरूर होता है और आज लोग अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं यूजर किसी भी मोबाइल डिवाइस के माध्यम किसी भी बेव रिसोर्सेज तक पहुंचना चाहते हैं

HTML बनाये गये वेब पेज यूजर फ्रेंडली नहीं होते है लेकिन HTML 5 में मोबाइल और टेंप्लेट जैसे संचालित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए web page, को मोबाइल सपोर्ट के लिए सरल बना दिया गया है आप चाहे कोई छोटा या बड़ा डिवाइस हो उसने में  web page आसानी से खुल जाते हैं अगर आपको web design developer बनना है तो आपको HTML और HTML 5 लैंग्वेज को सीखना पड़ेगा तब जाके आप एक अच्छे web developer बन पाएंगे. HTML 5 बहुत ही आसान भाषा इसे आप कोचिंग लेकर, ऑनलाइन वीडियो देखकर सीख सकते हैं।

निष्कर्ष

उम्मीद करते हैं कि आप को HTML और HTML5 क्या है यह समझ में आ गया होगा। अगर आपके पास कोई सवाल है तो आप  कमेंट करके पूछ सकते हैं और इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ।।