नमस्कार दोस्तों ! Best My Smart Tips Blog में आपका स्वागत है आज के वक्त में हर कोई व्यक्ति लैपटॉप या कंप्यूटर जैसे डिवाइस  का इस्तेमाल अवश्य करता है और इन डिवाइसों ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है लेकिन क्या आपको SMPS क्या है इसके बारे में पता है क्योंकि अगर आप लैपटॉप या कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं तो आपको SMPS के बारे में अवश्य पता होना चाहिए और अगर आप कंप्यूटर के छात्र हैं तो आपके exam में SMPS क्या होता है इसके बारे में पूछा जा सकता है कंप्यूटर और लैपटॉप जैसे डिवाइसों के अंदर अलग-अलग parts होते हैं और उन कम्युटर या लैपटॉप  parts को बिजली की आवश्यकता होती है लेकिन यह बिजली हमारे घर में आने वाले बिजली से कम होती है जैसे अगर हम बात करें टीवी, फ्रीज,ओवन ये सब इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस direct 220V -240V तक इस्तेमाल करते हैं लेकिन अगर यही VOLTAGE हम कंप्यूटर या लैपटॉप के parts को direct देंगे तो कंप्यूटर या लैपटॉप के parts जल जाएंगे इसलिए आज की इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कंप्यूटर और लैपटॉप के अंदर VOLTAGE को कौन नियंत्रित करता है ? और SMPS क्या है इसके ऊपर पूरी जानकारी बताने वाले हैं इसलिए इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें और अधिक से अधिक लोगों तक शेयर करें ताकि सभी लोगों को SMPS क्या है इसके बारे में संपूर्ण जानकारी मिल पाये ।

SMPS क्या है और यह कैसे काम करता हैं ?

1. SMPS क्या हैं ?

SMPS का पूरा नाम switch mode power  supply हैं ये एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट है अगर डेस्कटॉप के लिए अगर आप इसे अलग से खरीदोगे तो वर्ग एक डिब्बा मिलेगा वही SMPS (switch mode power supply) होता है  SMPS डिवाइस कंप्यूटर के अलग-अलग हिस्सों में पावर देती है जैसे कि रेम ,मदरबोर्ड ,fan को वैसे मदरबोर्ड के अलग-अलग हिस्सों तक बिजली जाती है अब हम आपको SMPS कैसे काम करता है इसके बारे में थोड़ा जानकारी देते हैं तो SMPS (switch mode power supply ) सबसे पहले जब  maim power supply (मुख्य बिजली आपूर्ति ) मतलब घर के बोर्ड से कंप्यूटर को देते हैं तो सबसे पहले AC (alternative current)  के रूप में रहता है और उसके बाद जब ये AC (alternative current) कंप्यूटर के SMPS (switch mode power  supply) के पास जाता है तो ज्यादा हैं तो ये SMPS (switch mode power supply) इसको DC (direct currennt) में परिवर्तित कर देता है इसके लिए वो संघनित्र (capacitor) और डायोड (Diode) का उपयोग करता है ये रेगुलेटर की सहायता से इसको कभी ऑन और कभी ऑफ करता है इसका मतलब यह है स्विच मोड परिवर्तन (switch mode changes) करता हैं और कभी dC (direct currennt)  को AC (alternative current) की परिवर्तित करता है और कभी AC (alternative current) को DC (direct currennt)  परिवर्तित करता है इसलिए इसका नाम SMPS (switch mode power supply) रखा गया  हैं ।






2. switch mode power supply (SMPS) कैसे कार्य करता हैं

तो सबसे पहले में केबल से करंट कंप्यूटर के पास आता है तो वह सबसे पहले switch mode power  supply (SMPS) के अंदर छोटे-छोटे डिवाइस है उन से होते हुए जाता है और सबसे  AC (alternative curren) के पास जाता है वहां पर AC (alternative curren) फिल्टर करने की प्रक्रिया में न्यूट्रल और  फेज के बीच में NTC ,fuse,line ,filter  pf capacitor का उपयोग होता है जिसके आउटपुट को rectifier और सुंदर को दिया जाता है जो कि इसको AC (alternative curren) से DC  (direct currennt) में परिवर्तित करता है जो rectifier था और जो फिल्टर था  वो दो संधनित्र की सहायता से smooth DC मैं परिवर्तित करता है इस प्रक्रिया का आउटपुट pure DC होता है और इसको स्विचिंग ट्रांजिस्टर को दिया जाता था वहां पर हम दो NPN  (negative,positive,negative) ट्रांजिस्टर का उपयोग करते हैं जोकि switching cycle की सहायता से फिर एक AC (alternative curren) आउटपुट देता है जिसको हम देते हैं एक और प्रक्रिया (process) करने के लिए उसका नाम था SM transformer की तो ये थी

अगर हम SMPS(supply switch mode power  supply) प्राइमरी सर्किट की बात तो इसके फायदे और एक बार rectifier फिल्टर दिया जाता है जो कि फिर से इसको AC (alternative curren) supply को और एक बार smooth DC (direct currennt) मैं परिवर्तित करता है ( एक बात आपको ध्यान रखनी कि घर में ट्रांसर्मर के पास से जो करंट आता है वो AC (alternative curren) और बैटरी में जो करंट आता है वो DC (direct currennt) होता है ) यह क्रिया के बाद जो आउटपुट निकलता है वह तीन रूप में होता है जो निम्न है 

1: 12VOLT

2: 5 VOLT

3: 3 VOLT

ये तो SMPS (supplyswitch mode power  supply) की  प्राइमरी और माध्यमिक सर्किट हैं लेकिन प्राइमरी सर्किट के  Rectifier और फिल्टर एक आउटपुट स्टार्टर ट्रांसफर के साथ कनेक्ट होता है और ये स्टार्टर के साथ कनेक्ट होता है जिसको एक प्रवर्धक IC (Integrated circuit ) के साथ कनेक्ट किया जाता है और इसके तीन आउटपुट तार होते हैं प्रवर्धक (amplifier) IC  (Integrated circuit ) SMPS  (supplyswitch mode power supply) का एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर पूरा मैनेजमेंट का  काम होता है प्रवर्धक (amplifier) IC (Integrated circuit) से तीन प्रमुख तार निकलते हैं 

1: जिसमें पहला तार होता है हरा रंग का तार होता हैं जोकि पावर ऑन का तार हैं 

2 :  दूसरा तार बैगनी रंग का होता है जोकि +5 वाल्ट का stand by current देता है

3: तीसरा तार ग्रे रंग का होता है इस तार को power Bood cable भी बोला जाता हैं

ये तीनों आउटपुट तार को मदरबोर्ड को दिए जाते हैं स्विचिंग ट्रांजिस्टर और प्रवर्धक IC (Integrated circuit ) को एक driver के साथ कनेक्ट रहता है और इसको प्रवर्धक IC (Integrated circuit) के द्वारा कनेक्ट किया जाता है माध्यमिक स्विचिंग सर्किट से एक संवेदन तार आता है जोकि प्रवर्धक IC (Integrated circuit) को बताता है कि लोड बढ़ रहा है तो उसी समय ड्राइवर  स्विचिंग ट्रांजिस्टर ऑन - ऑफ प्रक्रिया को बढ़ा देता है और जिसे एक constant speed में वोल्टेज मिलता रहता है जो कि +12 वोल्ट और +5 वोल्ट तथा +3 वोल्ट होता है और इसी प्रक्रिया को SMPS (supplyswitch mode power  supply) कहां जाता है जब हरा तार का पावर ऑन होता है तब
 12 V ,5V और 3 V SMPS (supplyswitch mode power  supply) से मदरबोर्ड को मिलता है आपको हमने SMPS (supplyswitch mode power  supply) कैसे कार्य करता है यह आपको समझ में आ गया होगा ।

3. DC (direct current) और AC (alternative current) क्या है

वैसे करंट मतलब का चार्ज का प्रभाव है ये दो तरह के होते हैं

A :   DC (direct current)

B :     AC (Alternative current )

AC (Alternative current ) में चार्ज का प्रवाह दोनों दिशा में होता है यहां सकारात्मक से नकारात्मक और नकारात्मक से सकारात्मक दोनों देशों में होता है पर अगर हम DC (direct current) की चर्चा करें तो यह बस इसका प्रवाह एक दिशा में होता है वह है नकारात्मक से सकारात्मक तक इसका एक अच्छा उदाहरण हम आपको बताते हैं आप जो अपने टीवी और घड़ी में बैटरी का उपयोग होते हैं वहां पर बैटरी से  DC (direct current)  निकलती है चलिए थोड़ा अच्छे से समझते हैं तुम्हारे घर में जो बिजली आती है वो AC (Alternative current ) का एक उत्तम उदाहरण है और जो टीवी के रिमोट में बैटरी होती है वो DC (direct current) का एक उत्तम उदाहरण है अगर हमारे कंप्यूटर को DC (direct current) चाहिए इसलिए AC (Alternative current) को DC (direct current) मैं परिवर्तित करने के लिए जो डिवाइस का उपयोग होता है वही आपका SMPS (supplyswitch mode power  supply) होता हैं ।

4. SMPS (supplyswitch mode power  supply)  के प्रकार

A :  DC (direct current) से DC converter

B :   फॉरवर्ड कनवर्टर

C :  फ्लाईबैक कन्वर्टर 

D :   self - oscillating flyback converter 

A. DC (direct current) से DC converter

यह एक SMPS (supplyswitch mode power supply)  कनवर्टर का एक प्रकार है इसमें आपको बस SMPS (supplyswitch mode power  supply)  के पास जो करंट आता है वो AC (Alternative current ) होती है इसको DC (direct current) में परिवर्तित करने से पहले जो करंट DC (direct current)  कनवर्टर से पास होता है वह पहले step down ट्रांसफॉर्म का प्राइमरी से गुजरता है ये Steps down ट्रांसफॉर्म SMPS (supplyswitch mode power  supply) का एक ही भाग है जो कि पता 50  हर्ट्ज होता है यह वोल्टेज  rectifier और फिल्टर होक transfermer के माध्यमिक भागों में जाता है अब आप यह आउटपुट वोल्टेज पावर से बाहर निकलकर अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जाता है इस आउटपुट को और एक बार वापस किसके पास भेजा जाता है वोल्टेज को नियंत्रित करने के लिए।

B. फॉरवर्ड कनवर्ट

यह भी एक कनवर्ट है जो कि choke के जरिए करंट को लेकर जाता है चाहे ट्रांजिस्टर अपना काम करता हो या नहीं  जब ट्रांजिस्टर अपना करता हो या फिर नहीं जब  ट्रांजिस्टर पूरा बंद हो जाता है तब यह काम यह  डायोड करता है तो उसी वजह से लोड के अंदर energy जाता है वह दोनों ऑफ और और के वक्त होता है लेकिन choke ऊर्जा को रखता हैं on period के समय और कुछ energy को वो  आउटपुट लोड पास भेजता है

C.  फ्लाईबैक कन्वर्टर 

इस फ्लाईबैक कन्वर्टर में जब स्विच ऑन रहता है तब inductor  का मैग्नेटिक फील्ड एनर्जी स्टोर करता है जब स्विच ऑन की अवस्था में रहता है तो ऊर्जा निगम वोल्टेज सर्किट में खाली होती है कर्तव्य चक्र आउटपुट वोल्टेज (Duty Cycle Output voltage) को निर्धारित करता है यही इसका कार्य किया हैं

D. self - oscillating flyback converter 

ये सबसे आसान और बुनियादी कनवर्टर हैं जोकि फ्लाईबैक  के ऊपर काम करता है conduction के समय स्विचिंग ट्रांजिस्टर , ट्रांसफर से प्राइमरी रूप से  रैखिक रूप से एक विधान के अनुसार बढ़ता है जोकि vin/LP होता है

5. SMPS (supply switch mode power  supply) के प्रकार उपयोग के अनुसार से

Power supply के प्रकार के आकार और उपयोग के ऊपर निर्भर करता है उसके निम्न प्रकार है जो हमने आपको नीचे बताइए हैं

A: AT SMPS =  इसका का पूरा नाम Advanced technology SMPS हैं

B: ATx SMPS = इसका पूरा नाम Advanced technology extended SMPS हैं

आपको यह पता होना चाहिए कि ज्यादातर उपयोग किए जाने वाले  AT SMPS और ATx SMPS  हैं। Power supply हैं

C: Baby SMPS 


6. SMPS (supply switch mode power  supply) के कनेक्टर्स

A: 20 +4 पिन ATX

एक मदर बोर्ड योजक होता है ये योजक (connector) मदरबोर्ड +12 वोल्टेज का चार्ज देता है ये योजक (connector) AT SMPS 20 और ATX SMPS 24 पिन का उपयोग करता हैं 24 पिन का योजक (connector) और 24  pin मदरबोर्ड का उपयोग होता है

B: CPU4 +4 Pin योजक

ये योजक  (connector) CPU( Central processing unit) के लिए चाहिए जो 4 Pin का उपयोग करता है जो सभी 12 वोल्टेज के होते हैं और एक योजक  (connector) हैं और उसका नाम  SATA power योजक  (connector) हैं।

C: SATA power योजक (connector)

कंप्यूटर में तो हार्डडिस्क और DVD Rom होते हैं इनको ये पावर योजक(connector) पावर देता है ये 4 pin योजक  (connector) होता है

7. भविष्य में  supply switch mode power  supply (SMPS) कैसे होंगे

आज लगातार टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वृद्धि हो रही है आने वाले समय में SMPS  कुछ इस प्रकार के बनेंगे जो अच्छे से अच्छे वोल्टेज को भी परिवर्तित कर सकें वह भी आसानी से हमने आपको भविष्य में SMPS कैसे होगे  उसके बारे में नीचे बताया है आपने देख कर समझ सकते हैं हम लगातार टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विकास की ओर को बढ़ रहे हैं और यह बहुत गर्व की बात है ।

A : SMPS ज्यादा आउटपुट दे सके. 

B : SMPS ज्यादा वोल्टेज ले सके और कम वोल्टेज आउटपुट दे सके।

C :  स्विचिंग मोड और तेजी से कम कर सके

इस आर्टिकल पर हमारे विचार 

साथियों उम्मीद करता हूं कि आपको SMPS क्या है इसके बारे में संपूर्ण जानकारी  प्राप्त हो गई होगी आपके पास कोई सवाल है तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं आपको यह आर्टिकल कैसा लगा कमेंट करके अवश्य बताएं और इस आर्टिकल को अधिक से अधिक लोगों तक शेयर करें ताकि सभी लोगों को SMPS के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल सके..