नमस्कार दोस्तों Best My Smart Tips Blog में आपका स्वागत है। अगर आप खुद की कंपनी शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपनी कंपनी को रजिस्टर करना पड़ेगा और आज के इस लेख में हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं कि आप अपनी कंपनी को किस तरीके से रजिस्टर कर सकते हैं इसलिए आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें ताकि आपको संपूर्ण जानकारी अच्छे से समझ में आ जाए और आप आसानी से खुद की कंपनी को रजिस्टर कर सकें इस आर्टिकल को अधिक से अधिक लोगों को आप शेयर जरूर करें ताकि जो लोग बिजनेस करने का या फिर खुद की कंपनी खोलने का सोच रहे है वे भी व्यक्ति इस आर्टिकल को पढ़कर कंपनी रजिस्टर करने का प्रोसेस जान सके और उन्हे किसी समस्या का सामना ना करना पड़े और आसानी से हुए अपनी कंपनी रजिस्टर कर सकें।

अपनी कंपनी कैसे रजिस्टर करें

अपनी कंपनी को रजिस्टर कैसे करें ?

अक्सर आपने लोगों को कहते हुए सुना होगा यार पैसा तो बिजनेस में है और बिजनेस करना सबकी बस की बात नहीं है लेकिन फिर भी लोग जोखिम (risk) लेते हैं आगे बढ़ते हैं और अपना सोचा हुआ बिजनेस शुरू करते हैं इसके  लिए छोटी ही सही कंपनी की  शुरुआत करना सबसे उत्तम विकल्प होता है क्योंकि आगे चलकर जब आप अपने बिजनेस को बढ़ाने की सोचेंगे तो अपनी खुद की होना बहुत ही जरूरी है अगर आपका कोई जानने वाला रिश्तेदार, आपका दोस्त या आपका कोई परिचित व्यक्ति जो पहले से ही कोई बिजनेस कर रहा हैं तो सबसे बेहतर होगा कि आप उसके अनुभव से सीखे आप चाहे तो किसी कंसल्टेंसी या बिजनेस फर्म की हेल्प ले सकते हैं किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले कुछ औपचारिकता पूरी करनी पड़ती हैं जिनमें शुल्क करना पड़ता है।

WTO (world trade organization) भारत में बिजनेस शुरू करने से कुछ जरूरी स्टेप के बारे में बताया था और आज भी नहीं स्टेपों के बारे में आपको डिटेल्स में नीचे जानकारी हमने आपको दे रखी है आप उन जानकारियों को पढ़कर अपनी खुद की कंपनी रजिस्टर कर सकते हैं

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे शुरू करें

एसएससी क्या है ? एसएससी परीक्षा की तैयारी कैसे करें।।

बैकलिंक क्या है और क्वालिटी बैकलिंक कैसे बनाये ?।

स्पैम स्कोर क्या होता है और इसे कैसे कम करें ?।

एलेक्सा रैंक क्या है और आप अपने ब्लॉग की एलेक्सा रैंकिंग कैसे सुधार सकते हैं?

स्टेप 1 - डीआईएन (DIN) बनवाएं

DIN का पूरा नाम डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है अगर आप खुद की कंपनी शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपनी कंपनी के लिए DIN के लिए अप्लाई करना होगा इसमें लगभग 2 दिन का समय लग सकता है इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स की ऑफिशियल वेबसाइट www.mca.gov.in जाकर डीआईएन के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपनी कंपनी के लिए डीआईएन के लिए अप्लाई भी कर सकते हैं आपको इस यह पता होना चाहिए कंपनी चलाने के लिए  बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की आवश्यकता पड़ती है और ये डीआईएन उसी के लिए है

स्टेप 2 - डिजिटल सिग्नेचर के लिए अप्लाई करना

 DIN मिलने के बाद डिजिटल सिग्नेचर का प्रमाण पत्र लेना होता है जिसके लिए आपको ₹400 से ₹2700 तक खर्च करने पड़ सकते हैं डिजिटल सिग्नेचर आपके हाथ से किए हुए डिजिटल वर्जन होता है जिसकी आवश्यकता हर वक्त अपनी कंपनी चलाते वक्त आपको पड़ेगी

स्टेप 3 - कंपनी के नाम को रजिस्टर करें

आप अपना कंपनी का नाम जो भी रखें वह सोच समझ कर रखें क्योंकि जो भी आप अपनी कंपनी का नाम रखेंगे उसी से आपकी कंपनी को पहचाना जाएगी और आपकी कंपनी का नाम यूनिक होना चाहिए वह नाम किसी और कंपनी का नहीं होना चाहिए इसीलिए आप अपनी कंपनी के तीन चार नाम पहले से ही सोच कर रखें एक कंपनी को रजिस्टर कराने के पूरे प्रोसेस मे मैं आपको मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स कई बार आवश्यकता पड़ेगी

इसके लिए आपको रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स पर आवेदन करना होगा इसमें लगभग 2 दिन का समय लग सकता है कंपनी का नाम रजिस्टर करने में लपक ₹1000 का फीस को देनी पड़ेगी कंपनी का नाम रजिस्टर होने के बाद आपको कंपनी के लिए का रबड़ स्टाम्प भी बनाना पड़ेगा जिसका कम से कम खर्चा ₹500 तक आयेगा कंपनी के लिए रबड़ स्टाम्प  बनने के बाद आपको स्टाम्प ड्यूटी भरनी होती है जो ऑनलाइन माध्यम से की जाती है

कंपनी को शुरू करने के लिए कुछ जरूरी फॉर्म और दस्तावेज भी ऑनलाइन जमा करने पड़ते हैं इस पूरे प्रोसेस में 3 से 7 दिन का समय लगता है और लगभग ₹25000 तक का खर्च आता है जो कम या ज्यादा हो सकता है अगर आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो आप एक सीए को हायर करें जो आपकी इस काम में सहायता करेगा आपको अपनी कंपनी के लिए एक पेन कार्ड बनाना पड़ता है जिसका इस्तेमाल पैसे की लेनदेन के लिए करना होता है और बाद में कंपनी के स्टाब्लिश हो जाने के बाद आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में काम आएगा पैन कार्ड को बनाने में लगभग 7 दिन का समय लगता है और आपका पैन कार्ड बनाने का खर्चा ₹100 तक आ सकता है बैंक का पैन कार्ड बनने के बाद आपको टैक्स अकाउंट नंबर (TAN) लेना में पड़ता है ताकि आप समय पर अपना टैक्स जमा कर सकें

गूगल पर TAN रजिस्ट्रेशन सर्च करने पर आपको NSDL की वेबसाइट मिल जाएगी जहां पर आपको TAN से जुड़ी जरूरी जानकारी और रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को दिख जाएगा अगर आप मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स के एमसीए सर्विसेज के अंदर फीस एंड पेमेंट सर्विसेज  में इन्क्वायर फीस के अंदर जाएंगे तो वहां पर आप यह जान सकते हैं कि कंपनी रजिस्टर करने में आप का कुल खर्चा कितना आएगा

स्टेप 4 - कंपनी का पता रजिस्टर करें

जब आप कंपनी के रजिस्ट्रेशन के लिए मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स मैं आवेदन करते हैं तो उस वक्त आपसे आपकी कंपनी का पता मांगा जाता है ताकि पता लगाया जा सके कि आपकी कंपनी कंपनी का ऑफिस कहां पर है

स्टेप 5- प्रोविडेंट फण्ड में रजिस्ट्रेशन कराएं 

अगर आपकी कंपनी में 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं तो सरकार के नियम के अनुसार आपको कपनी को प्रोविडेंट फण्ड में रजिस्ट्रेशन करवाना अति आवश्यक है इसमें लगभग 12 से लेकर 15 दिन का समय लगता है अगर आप गूगल में हाउ टू रजिस्टर फॉर पीएफ फॉर सर्च करते हैं तो आपको https://unifiedportal.epfindia.gov.in यह वेबसाइट दिखेगी वहां से आप इसके बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपनी रजिस्ट्रेशन कंपनी का रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं इन सभी कामों में अपनी सहायता के लिए आप एक  सीए या लॉयर रख सकते हैं

स्टेप 6 -कंपनी के लिए मेडिकल इन्सुरेंस का ईएसआई के लिए रजिस्ट्रेशन कराइए

ईएसआई में रजिस्ट्रेशन करने के लिए लगभग 9 से 10 दिन का वक्त लगता है एम्प्लाइज स्टेट इन्शुरन्स कारपोरेशन में रजिस्ट्रेशन होने के बाद आपकी कंपनी के ऊपर कर्मचारी की बीमारी  का ज्यादा खर्चा नहीं आता है क्युकी मिनिमम फीस देने के बाद एलआईसी में रजिस्टर्ड कंपनी का कर्मचारी की और फैमिली को मेडिकल इन्सुरेंस में फैसिलटी प्राप्त होती है

 स्टेप 7- कंपनी रजिस्टर करवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज की जरूरत होगी?

अपने देश में कंपनी रजिस्टर करने के बहुत सारे ऑप्शन होते हैं जिनमें से आप एक ऑप्शन चुन सकते हैं जैसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ,लायबिलिटी कंपनी, सोल प्रोप्राइटरशिप, वन पर्सन कम्पनी और पार्टनरशिप फर्म आदि.

1: प्राइवेट लिमिटेड कंपनी  

अगर आप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी रजिस्टर करना चाहते हैं तो रजिस्ट्रेशन के लिए आपके पास पासपोर्ट और पैन कार्ड की आवश्यकता पड़ेगी और इसके अलावा राशन कार्ड ,आधार कार्ड , वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस  में से एक चीज आपके पास होनी चाहिए और रेजिडेंशियल प्रूफ के लिए बैंक स्टेटमेंट या इलेक्ट्रिसिटी बिल का होना आवश्यक हैं  जहां आप अपनी कंपनी का ऑफिस ओपन करते हैं वहां नोटराइज्ड और प्रॉपर्टी ओनर से ली गयी एनओसी के साथ साथ सेल डीड या प्रॉपर्टी डीड होना आवश्यक है.

हमने प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे खोलें इसके ऊपर आर्टिकल लिखा है जिसका लिंक हमने आपको नीचे दे रखा है आप उसे पढ़कर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बारे में संपूर्ण प्राप्त कर सकते हैं

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे शुरू करें।।

2: सोल प्रोप्राइटरशिप

इसमें एक ही व्यक्ति कंपनी का मालिक होता है इस कंपनी को शुरू करना बहुत ही आसान है इन कंपनी को रजिस्टर करने में पैन कार्ड, आधार कार्ड , लिंक , बैंक अकाउंट , और रजिस्टर्ड ऑफिस प्रूफ/रेंट एग्रीमेंट की आवश्यकता होती है अगर यह सभी दस्तावेज आपके पास है तो आप इतनी चार्टर्ड अकाउंट से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का काम पूरा करके आप अपनी कंपनी की शुरुआत कर सकते हैं कंपनी का जितना भी प्रॉफिट होता है वह सिर्फ एक व्यक्ति का होता है और इसमें कोई भी टैक्स नहीं पड़ता है

3: वन पर्सनल कंपनी

आप अपनी कंपनी वन पर्सनल कंपनी के तौर पर खोल सकते हैं 2013 से पहले कंपनी शुरू करने के लिए दो डायरेक्टर की आवश्यकता पड़ती थी लेकिन अब सरकार ने जीमेल शुरू कर दिया कि एक व्यक्ति खुद की पर्सनल कंपनी शुरू कर सकता है प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तुलना में मैनेज करना बहुत ही आसान होता है 

वन पर्सन कंपनी शुरू करने के लिए डिजिटल सिगनेचर ,DIN , और कंपनी के नाम के अप्रूवल होना आवश्यक है इसके लिए आप मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन, आर्टिकल्स ऑफ़ एसोसिएशन, प्रूफ ऑफ़ रजिस्टर्ड ऑफिस और मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स के सारे फॉर्म्स को फाइल (file) करके आप अपनी ये कंपनी शुरू कर सकते हैं इसमें भी आपको एक सीए (CA)  या वकील की आवश्यकता पड़ सकती है

4: पार्टनरशिप फर्म 

अगर आप अपनी कंपनी में पार्टनर से रखना चाहते हैं तो आप पार्टनरशिप फर्म  शुरू कर सकते हैं अपनी कंपनी शुरू करने के लिए आपको अपने पार्टनर के साथ मिलकर एक पार्टनर डीड बनाना होता है इसमें यह तय होता है कि कंपनी को कैसे चलाना है कंपनी को जो फायदा होगा वह आपस में कैसे बांटना है इसमें कई सारे नियम फॉलो करने पड़ते हैं कंपनी में जो भी जिसको होगा उसे हम आपस में कैसे शेयर करें और कंपनी को बंद करने के लिए दोनों पार्टनरों की सहमति होना अति आवश्यक हैं

इस आर्टिकल पर हमारी राय

हमने आपको इस आर्टिकल में आप खुद की कंपनी कैसे रजिस्टर कर सकते हैं इसके ऊपर संपूर्ण जानकारी दी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे शुरू करें इसके ऊपर हमने आर्टिकल पहले ही लिख दिया है आप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे शुरू करें आर्टिकल पढ़ सकते हैं और इस आर्टिकल को अधिक से अधिक लोगों को शेयर करें यदि आपको कुछ समझ में नहीं आता है तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं और आपको यह आर्टिकल कैसा लगा कमेंट करके अवश्य बताएं